प्राचीन भारत और आज===वीरभोग्या वसुन्धरा
समय में भारत मे कभी छुआछुत रहा ही नहीं, और ना ही कभी जातियाँ भेदभाव का कारण होती थी। चलिए ! हजारो साल पुराना इतिहास पढ़ते हैं। आर्ष दृष्टि (१.) सम्राट शान्तनु ने विवाह किया, एक मछवारे की पुत्री सत्यवती से। उनका बेटा ही राजा बने, इसलिए भीष्म ने विवाह न करके, आजीवन सन्तानहीन रहने की भीष्म प्रतिज्ञा की। चाणक्य नीति के अनमोल सुविचार सत्यवती के बेटे बाद में क्षत्रिय बन गए, जिनके लिए भीष्म आजीवन अविवाहित रहे, क्या उनका शोषण होता होगा? भाषाणां जननी संस्कृत भाषा (२.) महाभारत लिखने वाले वेद व्यास निषादराज की कन्या सत्यवती के पुत्र थे, जो मछुआरिन थी । इसलिए वेद व्यास भी मछुआरे हुए, पर अपने कर्मों वेदविद्या से महर्षि बन गए, गुरुकुल चलाते थे वो। भारत महान् (३.) विदुर, जिन्हें महापण्डित कहा जाता है वो एक दासी के पुत्र थे, हस्तिनापुर के महामंत्री बने, उनकी लिखी हुई विदुर नीति, राजनीति का एक महाग्रन्थ है। सूक्ति-सुधा (४.) भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया। (५.) श्री कृष्ण दूध का व्यवसाय करने वालों के परिवार से थे, (६.) उनके भाई बलराम ...