विपक्ष की फ्रस्ट्रेशन इस कदर हो गयी मोदी विरोध की कि वो हर अच्छी चीज का विरोध करने लगा
सरकार ने आते ही 2015 में NJAC लाया था।लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया।सिर्फ एक जज चेलमेश्वर ने इसका समर्थन किया था कि ये पारदर्शिता लाएगा चयन में लेकिन बाकी सबने इसे रिजेक्ट कर दिया।फिर सरकार ने दोबारा कोशिश की, लेकिन 2018 में फिर इसे रिजेक्ट कर दिया।आज जो जजों पर आक्रामक हो रखे वो तब भांग खाये हुए थे बिना इस कानून की अहमियत समझे।
फिर सरकार से गलती हो गयी।CAA, किसान कानून जैसी पड़ी लकड़ी ले ली सरकार ने कि हिन्दुओ या देश का कुछ भला हो जाएगा।गलती ये हो गयी कि सरकार ने सोचा कि जेनुइन कानून हैं किसी को क्या समस्या होगी, लेकिन तब तक विपक्ष की फ्रस्ट्रेशन इस कदर हो गयी मोदी विरोध की कि वो हर अच्छी चीज का विरोध करने लगा।
अब सरकार इसे नही ला सकती।ये लोग विरोध ही करेंगे जबकि उस समय ये लोग भी ये सच समझते थे कि जजों की नियुक्ति में पारदर्शिता होनी चाहिए।लेकिन अब इस कानून के लिए कहा जायेगा कि मोदी इलेक्शन कमीशन, CBI, ED, IT आदि के बाद अब कोर्ट भी कब्जा कर रहा है और चुइया जनता जो तब भांग खाई थी, वो ये सच मानेगी।
हालांकि सरकार ने टेढ़ी उंगली कर कोशिश जारी रखी।
अपने कानून मंत्री, उप राष्ट्रपति, राष्ट्रपति हर एक से इस कोलेजियम पर हमला करवाया।जनता में वो माहौल बनवाया कि कोरट को कोठा कहने लगी जनता।लेकिन इसके साथ ही उसकी तैयारी 400 पार की भी थी कि चूंकि विपक्ष ने साथ नही देना तो हमे ही इस तरह की सीटें चाहिए कि 2/3 वाला कानून बनाया जाए।
लेकिन बदले में 240 ही मिले क्योंकि चंदा मामा जैसे को इलेक्टोरल बांड जैसे फैसले दे ये भी तो सुनिश्चित करना था कि टेम्पो में कैश भर भर विपक्ष तक पहुंचे, भले ही रिटायरमेंट के बाद यही मामा ज्ञान छोड़ता मिलता है कि हमें एक NJAC जैसा कानून चाहिए।इसलिए कोठे की हरकत पर अब अपना खून जलाते रहो।तुम लोग वो हो जिन्हें आज मेरे जैसे चंद जब Woke आतंक पर बताते हैं तो तुम्हे हंसी आती है जैसे कोई जोक मार रहा हूँ और फिर जब यही कोठा 377 जैसी चीज खत्म कर देता है या Woke कानून लाने लगता है तब तुम वापिस भांग पीकर सो रहे होते हो लेकिन भविष्य में जब ये आतंक ठीक ठाक फैल जाएगा तब तुम सरकार को ही गाली दोगे।
और सरकार को हर फीडबैक मिलता है कि जनता किस तरह की है।इसलिए फालतू की लकड़ी वो भी अब लेना नही चाहती कि छोड़ो, एक और तमाशा फिर झेलना पड़ेगा और हमारे ही अलग बकचोड़ी मारेंगे कि फलां काम हुआ नही, फालतू के काम सरकार से करवा लो।ठीक इसी तरह तब NJAC फालतू लग रहा था अधिकतर समर्थकों को ही।।
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