बात कड़वी है मगर सच्ची है
नरसंहार में मारे गए 27 लोग केवल एक मृत्यु नहीं मरे हैं *वो दस बार मरे हैं ...*…
एक परिवार बतौर टूरिस्ट कश्मीर गया अच्छी खासी लागत लगा कर साल भर की थकान और अपने इलाके की गर्मी से बचने कश्मीर गया।
*◼️पहली मौत मरा :* वहाँ आतंकी हमला हुआ और परिवार का मुखिया अपने परिवार की सुरक्षा के लिए थर थर काँपता हुआ।
*◼️दूसरी मौत मरा :* जब उसे खचेड़ कर बाहर निकाला गया तो बंदूकों को देख खौफ से वो।
*◼️तीसरी मौत वो तब मरा :* जब उससे पूछा गया तेरा मजहब क्या है? तेरा धर्म क्या है? इस पल उसे अहसास हुआ मेरा धर्म ही मेरी मौत का कारण है।
*◼️चौथी मौत वो तब मरा :* जब उसे उसके परिवार के सामने पैंट खोलने को कहा गया शारीरिक रूप से एक अंग के छेदन न होने से उसे गोली खानी होगी ये भी एक मृत्यु से कम नहीं।
*◼️पाँचवीं मौत वो मरा :* जब गोलियों ने उसका शरीर छलनी कर डाला उसके परिवार के समक्ष, पत्नी बच्चों के क्रंदन के बीच प्राण छूटना, आत्मा का शरीर से साथ छूटना, सोच कर देखिए कितनी वेदना भरी होगी।
*◼️छठी मौत वो तब मरा :* जब उसकी आत्मा ने देखा कि उसकी पत्नी उसके हत्यारों से मौत माँग रही है और वो अट्टहास करते कह रहे हैं *जाओ 'मोदी' को सब बताना*।
*◼️ सातवीं मौत वो तब मरा :* जब उसकी आत्मा ने देखा जमाने भर के लोग उसके हत्यारों को डिफेंड करने तमाम कुतर्क गढ़ रहे है।
*◼️ आठवीं मौत वो तब मरा :* जब उसने पाया लोग उसे ही कोस रहे है कि वो आखिर कश्मीर घूमने गया ही क्यों.?
*◼️ नौवीं मौत वो तब मरा :* जब उसके लिए हंसते हुए भेड़ियों ने मोमबत्ती मार्च निकाला।
*◼️दसवीं मौत वो तब मरा :* जब उसकी हत्या का जिम्मेदार मजहबी कारण न बताते हुए केवल आतंकी हमला ठहरा दिया गया।
▪️नरसंहार में मारे गए 27 लोग केवल एक मृत्यु नहीं मरे हैं *वो दस बार मरे हैं*।
▪️जो हिंदू लोग अभी भी भाई-चारे की बात कर रहें है और हिंदू समाज को गुमराह करके हिंदुओं को कमजोर बना रहें है *अब उन लोगो का DNA चेक करवाना बहुत जरूरी हो गया है* की वो सच *"अखिल विश्व अखण्ड `बात कड़वी है पर सच्ची है—`*
नरसंहार में मारे गए 27 लोग केवल एक मृत्यु नहीं मरे हैं *वो दस बार मरे हैं ...*…
एक परिवार बतौर टूरिस्ट कश्मीर गया अच्छी खासी लागत लगा कर साल भर की थकान और अपने इलाके की गर्मी से बचने कश्मीर गया।
*◼️पहली मौत मरा :* वहाँ आतंकी हमला हुआ और परिवार का मुखिया अपने परिवार की सुरक्षा के लिए थर थर काँपता हुआ।
*◼️दूसरी मौत मरा :* जब उसे खचेड़ कर बाहर निकाला गया तो बंदूकों को देख खौफ से वो।
*◼️तीसरी मौत वो तब मरा :* जब उससे पूछा गया तेरा मजहब क्या है? तेरा धर्म क्या है? इस पल उसे अहसास हुआ मेरा धर्म ही मेरी मौत का कारण है।
*◼️चौथी मौत वो तब मरा :* जब उसे उसके परिवार के सामने पैंट खोलने को कहा गया शारीरिक रूप से एक अंग के छेदन न होने से उसे गोली खानी होगी ये भी एक मृत्यु से कम नहीं।
*◼️पाँचवीं मौत वो मरा :* जब गोलियों ने उसका शरीर छलनी कर डाला उसके परिवार के समक्ष, पत्नी बच्चों के क्रंदन के बीच प्राण छूटना, आत्मा का शरीर से साथ छूटना, सोच कर देखिए कितनी वेदना भरी होगी।
*◼️छठी मौत वो तब मरा :* जब उसकी आत्मा ने देखा कि उसकी पत्नी उसके हत्यारों से मौत माँग रही है और वो अट्टहास करते कह रहे हैं *जाओ 'मोदी' को सब बताना*।
*◼️ सातवीं मौत वो तब मरा :* जब उसकी आत्मा ने देखा जमाने भर के लोग उसके हत्यारों को डिफेंड करने तमाम कुतर्क गढ़ रहे है।
*◼️ आठवीं मौत वो तब मरा :* जब उसने पाया लोग उसे ही कोस रहे है कि वो आखिर कश्मीर घूमने गया ही क्यों.?
*◼️ नौवीं मौत वो तब मरा :* जब उसके लिए हंसते हुए भेड़ियों ने मोमबत्ती मार्च निकाला।
*◼️दसवीं मौत वो तब मरा :* जब उसकी हत्या का जिम्मेदार मजहबी कारण न बताते हुए केवल आतंकी हमला ठहरा दिया गया।
▪️नरसंहार में मारे गए 27 लोग केवल एक मृत्यु नहीं मरे हैं *वो दस बार मरे हैं*।
▪️जो हिंदू लोग अभी भी भाई-चारे की बात कर रहें है और हिंदू समाज को गुमराह करके हिंदुओं को कमजोर बना रहें है *अब उन लोगो का DNA चेक करवाना बहुत जरूरी हो गया है* की वो सच में हिंदू ही है या कुछ गड़बड़ है…??
▪️जिस प्रकार आतंकी का कोई धर्म नहीं होता उसी प्रकार बुद्धिजीवी नेताओं (चमचों) का भी कोई धर्म नहीं होता *और जिनका कोई धर्म नहीं होता* वो न अपने लिए हितकर हो सकते हैं, न अपने समाज के और ना ही अन्यों के : राष्ट्र का धर्म का हित तो बहुत दूर की बात है। ____
में हिंदू ही है या कुछ गड़बड़ है…??
▪️जिस प्रकार आतंकी का कोई धर्म नहीं होता उसी प्रकार बुद्धिजीवी नेताओं (चमचों) का भी कोई धर्म नहीं होता *और जिनका कोई धर्म नहीं होता* वो न अपने लिए हितकर हो सकते हैं, न अपने समाज के और ना ही अन्यों के : राष्ट्र का धर्म का हित तो बहुत दूर की बात है। ____
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