ज़िन्दगी में 8 के पहाड़े की बहुत एहमियत होती है
ज़िन्दगी में 8 के पहाड़े की बहुत एहमियत होती है
इसकी जानकारी सब लोगों को होना चाहिए है !
इसे ज़रूर पढ़ें :
8 x 01 = 08 ...बचपन
8 × 02 = 16 ...जवानी की शुरुआत
8 × 03 = 24 ...शादी की उम्र
8 × 04 = 32 ...बच्चों की ज़िम्मेदारी होना
8 × 05 = 40 ...खुशहाल परिवार
8 × 06 = 48 ...साँसारिक ज़िम्मेदारी और स्वास्थ्य के बिगड़ने की शुरुआत
8 × 07 = 56 ...बुढ़ापे की शुरुआत, रिटायरमेन्ट की तैयारी और वसीयत लिख डालने का समय
8 × 08 = 64 ...रिटायरमेन्ट के बाद कम से कम तनाव में रहने का प्रयास और सेहत का ख्याल रखना
8 × 09 = 72 ...रोग और स्वास्थ्य सम्बन्धी तकलीफों से सामना,खुद को ज़्यादा से ज़्यादा खुश रखने का प्रयास
8 × 10 = 80 ...पिछले 80 सालों में जिन मित्रों और सहयोगियों और रिश्तेदारों ने आपका साथ दुःख में भी नहीं छोड़ा, उनके साथ हँसी खुशी जीवन बिताना
कितना महत्वपूर्ण है 8 का पहाड़ा !
इसलिए हँसते रहें, हँसाते रहें, प्यार से रहें,
परिवार और दोस्तों के सङ्ग रहें !!!
ज़िन्दगी_ना_मिलेगी_दोबारा *एक बार पढ़ेंगे, तो 100 लोगों को भेजोगे।*
महात्मा बुद्ध ने विवाह किया, परंतु वे पत्नी को छोड़कर सत्य की खोज में निकल गये। उनकी पत्नी ने एकाकी जीवन जिया। *उनकी पत्नी का नाम यशोधरा था।*
महावीर स्वामी ने भी विवाह किया, परंतु वे भी पत्नी को छोड़ कर सन्यासी हो गये। उनकी पत्नी ने एकाकी जीवन जिया। *उनकी पत्नी का नाम यशोदा था।*
मोदी ने भी विवाह किया, परंतु अपनी पत्नी को छोड़ दिया और अपना जीवन देश सेवा में लगा दिया। उनकी पत्नी भी एकाकी जीवन व्यतीत कर रही हैं। *उनकी पत्नी का नाम यशोदाबेन है।*
*यशोधरा, यशोदा एवं यशोदाबेन ।*
*महात्मा बुद्ध, महाबीर, एवम् मोदी ।*
*यह सिर्फ संयोग है या फिर इतिहास अपने आपको दोहरा रहा है।*
*दुर्योधन और राहुल गाँधी*
दोनों ही अयोग्य होने पर भी सिर्फ राजपरिवार में पैदा होने के कारण शासन पर अपना अधिकार समझते हैं।
*भीष्म और आडवाणी*
कभी भी सत्तारूढ़ नहीं हो सके फिर भी सबसे ज्यादा सम्मान मिला। उसके बाद भी जीवन के अंतिम पड़ाव पर सबसे ज्यादा असहाय दिखते हैं।
अर्जुन और योगी आदित्यनाथ*
दोनों धर्म के मार्ग पर चलते हुए शीर्ष पर पहुँचे... जहाँ उन्होंने अपनी योग्यता का परिचय दिया।
*कर्ण और मनमोहन सिंह*
बुद्धिमान और योग्य होते हुए भी अधर्म का पक्ष लेने के कारण जीवन में वांछित सफलता न पा सके।
*जयद्रथ और केजरीवाल*
दोनों अति महत्वाकांक्षी एक ने अर्जुन का विरोध किया दूसरे ने मोदी का। हालांकि इनको राज्य तो प्राप्त हुआ लेकिन घटिया राजनीतिक सोच के कारण बाद में इनकी बुराई ही हुई।
शकुनि और दिग्विजय*
दोनों ही अपने स्वार्थ के लिए अयोग्य मालिकों की जीवन भर चाटुकारिता करते रहे।
*धृतराष्ट्र और सोनिया*
अपने पुत्र प्रेम में अंधे है।
*यह है भारत और महाभारत अगर आपको अच्छा लगा तो आगे शेयर जरूर करें ।*
*एक धनी प्रधानमंत्री बन सकता है ।*
ये नेहरू ने साबित किया।
*एक गरीब प्रधानमंत्री बन सकता है ।*
ये शास्त्री जी ने साबित किया ।
*एक बुजुर्ग प्रधानमंत्री बन सकता है ।*
ये मोरारजी ने साबित किया।
*एक युवा प्रधानमंत्री बन सकता है ।*
ये राजीव गांधी ने साबित किया।
*एक औरत प्रधानमंत्री बन सकती है ।*
ये इंदिरा गांधी ने साबित किया।
*एक किसान प्रधानमंत्री बन सकता है ।*
चौ. चरण सिंह ने साबित किया।
*एक राजघराने का व्यक्ति प्रधानमंत्री हो सकता है ।*
ये वी.पी. सिंह ने साबित किया।
*एक शिक्षित एवं बहुआयामी व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है ।*
ये पी.वी.नरसिंहा राव ने साबित किया। एक कवि प्रधानमन्त्री बन सकता है ।* ये अटल बिहारी बाजपेयी ने साबित किया। कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है ये एच.डी.देवगौडा ने साबित किया।एक प्रधानमंत्री की आवश्यकता ही नहीं है ।*ये डा. मनमोहन सिंह ने साबित किया। देश पर बिना प्रधान मंत्री बने भी शासन किया जा सकता है ।*ये सोनिया गांधी ने साबित किया*परन्तु एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है और इन सबसे बेहतर कार्य कर सकता है तथा भारत माता का परचम पूरी दुनिया में लहरा सकता है ।*ये नरेन्द्र मोदी जी ने साबित किया सारी कायनात लगी है, एक शख्स को झुकाने में.भगवान भी सोचता होगा,जाने किस मिटटी का इस्तेमाल किया मैंने "मोदी" को बनाने में व जरा सोचो*जो व्यक्ति*यदि अमरीका को झुका सकता है, भूखे नंगे देश पाकिस्तान में हडकंप मचा सकता है,चीन जैसे गद्दार देश के अखबारों की सुर्खियों में आ सकता है तो भाई वह भारत को विश्व गुरु बना सकता है*तो यह बात पक्की है"देश की जरुरत है मोदी"*अगर देश के लिए कुछ करना है तो यह 3 लोगो को जरुर भेजना है। बस आपको तो एक कड़ी जोड़नी हैणदेखते ही देखते पूरा देश जुड़ जायेगा।.बस...जरा सा forward..करो..2-3 सेकंड ही लगेंगे...
*भारत माता की जय*🙏🏻
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