मुसलमान चिंतकों एवं लेफ्ट लिबरल बुद्धिजीवियों द्वारा

मुसलमान चिंतकों एवं लेफ्ट लिबरल बुद्धिजीवियों द्वारा कहा जा रहा है कि हर मस्जिद के भीतर शिवलिंग खोजेंगे तो देश कैसे चलेगा? 
हिंदू वैसे भी बहुत सहिष्णु जनसमूह है, यदि आप वास्तव में शांति चाहते हैं तो प्रस्ताव रखिए कि मथुरा और काशी हिंदुओं के आस्था के सबसे बड़े केंद्र हैं, इसलिए उसे हम वापस करके सब विवाद मिटाना चाहते हैं, देखिए हिंदू कैसे नहीं मानते हैं। 
दरअसल जेहादीपरस्त मुल्ला मौलवी इस देश में शांति चाहते ही नहीं, इसलिए मुसलमानों का ब्रेनवाश करके उन्हें जान देने के लिए कहीं भी आगे खड़ा कर देते हैं ताकि इस्लामिक ध्रुवीकरण करके कांग्रेस सपा राजद तृणमूल जैसी पार्टियों को ब्लैकमेल कर देश में जिन्ना के नीतियों को आगे बढ़ाया जा सके। मुसलमानों को यदि हिंदुओं के सहिष्णुता पर प्रश्नचिन्ह भी है तो भी अपने दो अवैध मस्जिदों को हिंदुओं को ऑफर करके तो देखें, सब सामने आ जाएगा।

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