पूजा में क्यों किया जाता है तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल, जानिए वजह
*पूजा के लिए कौन सी धातु शुभ होती है: भगवान की पूजा में केवल शुभ और पवित्र चीजों का ही इस्तेमाल किया जाता है. भगवान की आराधना करते समय हमको कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए। छोटी से छोटी चीज भी शुभ होने पर ही पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है. वहीं, आपकी जरा सी लापरवाही पूजा को अशुभ बना सकती है. पूजा में इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तनों का भी खास ख्याल रखना चाहिए. हालांकि, कई बार हमें यह पता नहीं होता कि हम पूजा के दौरान जिस धातु के बर्तनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह सही है या नहीं. क्योंकि कई धातुएं ऐसी हैं, जिनका इस्तेमाल पूजा में अशुभ माना जाता है. आइए जानते हैं पूजा के दौरान किस धातु का इस्तेमाल करना चाहिए.*
*⚜️पूजा के दौरान किस धातु का इस्तेमाल करना चाहिए?*
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कहा जाता है कि देवताओं को तांबा बहुत प्रिय होता है. इसलिए अगर आप पूजा कर रहे हैं, तो उस समय तांबे के बर्तनों का उपयोग जरूर करें क्योंकि इसको शुभ माना जाएगा. इस बारे में एक श्लोक का भी जिक्र किया गया है.
*🚩“तत्मराभाजनें महं दीयते यत्सुपुष्कलम्.*
*अतुल तेन में प्रीतिर्भूमे जनिहि सुव्रते. मंगल्यं च पवित्रं च ताम्रंतेन प्रियं मम्।*
*और ताम्रं समुत्पन्नमिति में तत्व रुचिकर हैं।*
*दीक्षितैर्वै पद्यार्ध्यादौ च दीयते।*
इस श्लोक का अर्थ है कि पूजा के दौरान तांबा शुभ, पवित्र और भगवान को बहुत प्रिय होता है। ऐसा माना जाता है कि तांबे के बर्तन में कुछ भी अर्पित करने से भगवान अत्यंत प्रसन्न होते हैं। यही कारण है कि पूजा के दौरान तांबे के बर्तन का उपयोग किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर आप तांबे के बर्तन से सूर्य देव को जल चढ़ाते हैं तो आपको भगवान का आशीर्वाद मिलता है।
*⚜️दैवीय कार्यों में किन बर्तनों का उपयोग करें?*
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चांदी के बर्तन का प्रयोग से पूजा में अभिषेक के लिए किया जाता है लेकिन वहीं दूसरी ओर तांबे के बर्तन से दुग्धाभिषेक करना मना है। इतना ही नहीं, आपको बता दे कि चांदी चंद्र देव का प्रतिनिधित्व करती है। और जो साधक भगवान चंद्रदेव की पूजा करता है उनको जीवन में, सुख- शांति का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन देवकार्य के दौरान गलती से भी चांदी का उपयोग न करें। चांदी पितरों को प्रिय होती है लेकिन देवताओं के लिए चांदी का उपयोग शुभ नहीं माना जाता है।
*⚜️पूजा में इन बर्तनों का इस्तेमाल न करें-*
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कहा जाता है कि पूजा में कभी भी लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। लोहे में जंग लग जाता है, जिससे वह खराब हो जाता है। इसलिए पूजा में लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल वर्जित है क्योंकि ये शुद्ध नहीं होते। हालांकि शनिदेव की पूजा में लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ ही पूजा में स्टील, एल्युमिनियम धातु के बर्तनों का इस्तेमाल न करें। ये सभी धातुएं अशुद्ध मानी जाती है
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