आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता
आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता
1993 किस्तवार : बस हाइजेक की गई , सिर्फ हिन्दू मार दिए बाकी छोड़ दिए
1998 वंधामा : सिर्फ हिन्दुओ के घर मे चुन कर 23 लोग मारे
1998 ऊधमपुर : प्राणकोट गाव में हिन्दुओ को जबर्जस्ती कलमा पढ़ने को कहा , 29 को मारा
2000 , चित्तीसिंहपुर गाव मे 36 सिख चुन कर मारे
2000: 105 हिन्दू अमरनाथ यात्री मारे , 2001 मे भी मारे , 2017 मे भी
2003 नंदीमार्ग गाँव : 24 हिन्दू घर से निकाल कर मारे
2006 डोडा : 54 हिन्दू चुनकर मारे , जिनमे 4 छोटी 3 साल की बच्चीया भी , इतना बेदर्दी से मारा की पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को हार्टअटैक आ गया
2021 : स्कूल मे हमला किया , चुन चुन कर सिर्फ हिन्दू टीचर मारे
जैसे लोग ये सब भूल गए 2025 पहलगांम भी भूल जाएंगे...
आर्थिक बहिष्कार
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