राजस्थानी कहावत का बांग्लादेश से संबंध…
राजस्थानी कहावत का बांग्लादेश से संबंध…
*सत्ता परिवर्तन के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जमकर उत्पात मचाया गया* कई लोगों की जान चली गई *मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख बनने के बाद से पड़ोसी देश में कई बदलाव देखने को मिले ...*…
*हालांकि* दुनिया भर में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा पर फजीहत झेलने के बाद बांग्लादेश सरकार ने जैसे-तैसे अपनी छवि सुधारने की कोशिश की *...*…
*लेकिन असलियत सामने आ गई* वहां पर दुर्गा पूजा समारोह की शुरुआत उथल-पुथल भरी रही है *क्योंकि अंतरिम सरकार और विभिन्न मुस्लिम निकायों ने कई इलाकों में दुर्गा पूजा के लिए अनुमति देने से इन्कार कर दिया ...*…
*इतना ही नहीं* बल्कि आयोजन समितियों को कथित तौर पर नमाज के दौरान चुप रहने *और प्रत्येक को 5 लाख रुपये जजिया टैक्स के रूप में देने के लिए कहा गया* कई जगह मूर्तियों के तोड़फोड़ और लूटपाट की भी घटनाएं रिपोर्ट की गईं *...*…
पिछले महीने के आखिरी में आई डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार *कई दुर्गा पूजा समितियों को धमकी भरे पत्र मिले हैं* जिसमें कहा गया है कि अगर वे त्योहार मनाना चाहते हैं *तो उन्हें 5,00,000 रुपये देने होंगे ...*…
खुलना के डाकोप क्षेत्र में कई हिंदू मंदिरों ने भी धमकी भरे पत्र मिलने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है *इस बीच ढाका ट्रिब्यून ने पिछले महीने बताया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पूजा समितियों को सलाह दी है *कि वे अजान और नमाज के दौरान अपने संगीत वाद्ययंत्र और साउंड सिस्टम बंद रखें ...*…
यह बयान कथित तौर पर गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मोहम्मद जहाँगीर आलम चौधरी ने कानून और व्यवस्था की बैठक के बाद दिया था *...*…
अगस्त की शुरुआत में शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद *बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि देखी गई है* हालांकि *नए प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि हमले राजनीतिक प्रकृति के थे ...*…
*रिपोर्टों के अनुसार* अधिकारियों ने आगामी दुर्गा पूजा समारोहों को प्रतिबंधित करने की खराब सुरक्षा व्यवस्था और धमकियों का हवाला दिया है *प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों ने जोर देकर कहा कि भक्तों को बांग्लादेश में त्योहार मनाने का निश्चित रूप से मौका मिलेगा ...*…
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने हाल ही में 'एएनआई' से बातचीत के दौरान कहा *"यह काफी अजीब है*, *हो सकता है कि कुछ लोग दुर्गा पूजा को पसंद न करें*, *इस देश में सदियों से दुर्गा पूजा की जाती रही है और ऐसा कोई उदाहरण नहीं है जब दुर्गा पूजा नहीं हुई हो*; *निश्चित रूप से जो भक्त ऐसा करना चाहते हैं*, *उनके पास ऐसा करने का अवसर है इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए"*।
*यदि यह भारत में हुआ होता तो* विपक्ष सड़कों पर उतर आता, विधवा विलाप किया जाता, चूड़ियां तोड़ी जाती, आगजनी और पत्थरबाजी की जाती *...*…
*क्योंकि हमारी सरकार के दिमाग में सबका साथ सबका विकास का कीड़ा कुलबुलाता है* बांग्लादेश का दृष्टिकोण इस मामले में एकदम साफ है *उन्होंने इस्लाम को राष्ट्रीय धर्म घोषित किया हुआ है* इस मामले में भारत के गुलाम हिंदू एकदम लावारिस हैं *...*…
न इनका कोई धर्म है न ये धर्म को जानते हैं *इनके लिए तो नाचना गाना हो धर्म बन चुका है* खैर मुझे बांग्लादेशी हिंदुओं के प्रति सहानुभूति है *ईश्वर उनकी रक्षा करें*।
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