गौतम बुद्ध नही है हमारे भगवान बुद्ध

गौतम बुद्ध नही है हमारे भगवान बुद्ध
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आज मे आप सबका एक भ्रम और खत्म करना चाहती हूँ |
गौतम बुद्ध हमारे भगवान बुद्ध नही है , हमारे बुद्ध भगवान का प्राक्ट्य तो गौतम बुद्ध से बहुत पहले हो चुका था | इस बात के पुराणौ मे बहुत से प्रमाण है आज मे आपको शास्त्रोक्त प्रमाण के साथ सबकुछ स्पष्ट करना चाहती हूँ | नीचे पढिए.....

बौद्ध धर्म ग्रंथो के अनुसार गौतम बुद्ध का जन्म वैशाख माह की पूर्णिमा को हुआ जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहते है जबकि हमारे भगवान बुद्ध का जन्म अश्विन माह मे हुआ , नीचे प्रमाण देखे...

" आश्विनशुक्लदशम्यां सायं बुद्धोभुत् " अर्थात  अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथी की संध्या को भगवान बुद्ध का प्राक्ट्य हुआ था ( प्रमाण :- धर्मसिन्धु ग्रंथ )

गौतम बुद्ध का जन्म लुम्बिनी वन ( नेपाल ) मे हुआ था , जबकि हमारे बुद्ध भगवान का जन्म मगध देश ( वर्तमान मे बिहार ) गया के निकट भारत मे हुआ था | नीचे प्रमाण देखे.....

ततः कलौ सम्प्रवृत्ते सम्मोहाय सुरद्विषाम |
बुद्धो नाम्नाजनसुतः कीकटेषु भविष्यति ||
अर्थ :- कलयुग आने पर दुष्ट राक्षसो को मोहित करने के लिए कीकटो की भुमि ( गया धाम ) पर मगध देश ( बिहार ) मे अजन के यहॉ भगवान बुद्ध प्रकट हुए | ( प्रमाण :- भा. १/३/२४ )

गौतम बुद्ध के पिता का नाम महाराज शुद्धोदन था जबकि भगवान बुद्ध के पिता का नाम अजन था | नीचे प्रमाण देखे....
" बुद्धो नाम्नाजनसुतः " अर्थात अजन पुत्र बुद्ध ( भागवत ) 

गौतम बुद्ध तपस्या के विरोधी थे जबकि हमारे बुद्ध भगवान तपस्या के समर्थक थे व स्वयं भी करते थे | नीचे प्रमाण देखे...

धराबद्धपद्मासनस्थाडंघ्रियष्टि र्नियम्यानिलं न्यस्तनासाग्रदृष्टिः |
य आस्ते कलौ योगिनां चक्रवर्ती स बुद्धः प्रबुद्धोस्तु सच्चित्तवर्ती ||
अर्थ :- भगवान बुद्ध कलियुग मे योगियो के चक्रवर्ती सदृश है | विधिवत पद्मासन मे बैठकर प्राणवायु को संयत कर और नासिका के अग्रभाग पर दृष्टि को स्थिर कर तपोलीन ( तपस्या करते है ) वे भगवान बुद्ध हमारे चित्त मे प्रकाशित रहे |
 ( प्रमाण :- दशावतार स्तुति आद्य शंकराचार्य द्वारा रचित )

गौतम बुद्ध क्षत्रिय कुल मे जन्मे थे जबकि हमारे भगवान बुद्ध ब्राह्मण कुल मे जन्मे थे । 

बोद्ध सम्प्रदाय गौतम बुद्ध को ही अपना भगवान मानते है एंव वर्ण व्यवस्था को नही मानते है जबकि सनातन धर्म मे पंचदेव ( दुर्गा , शिव , विष्णु , गणेश , सुर्य ) पूजन का विधान है और वर्ण व्यवस्था सनातन धर्म की रीढ मानी जाती है | गौतम बुद्ध वेद विरोधी थे जबकि भगवान बुद्ध वेदो का प्रचार करते थे | सबसे बडी बात भगवान उसे माना जाता है जिसका न तो कभी जन्म हो न ही मृत्यु हो जबकि गौतम बुद्ध की मृत्यु हुई है व उनकी अस्थियो ( हडडियो ) को कुशीनगर , उत्तर प्रदेश के बोद्ध स्तुप मे रखा गया है | हमारे बुद्ध भगवान अपनी लीला पूर्ण कर अर्न्तध्यान हो गये थे वे कभी मरते नही है | गौतम बुद्ध की अहिंसा ने देश को नपुंसक बना दिया आप इतिहास उठाकर देख ले गौतम बुद्ध के आने के बाद ही सारे विदेशी आक्रमणकारी देश मे आए है क्योकि हम अहिंसा अहिंसा करते करते तलवार रख देते थे | जबकि हमारे भगवान बुद्ध ने कहा है तुम किसी पर आक्रमण मत करो लेकिन जब देश व धर्म पर आक्रमण हो तब शस्त्र उठाना ही धर्म है |

आशा करती हूँ मेरी इस पोस्ट से गौतम बुद्ध और भगवान बुद्ध के बीच का अंतर समझ आ गया होगा , आप समझ गए होगे गौतम बुद्ध हमारे बुद्ध नही है बल्कि उनसे पहले हमारे बुद्ध भगवान प्रकट हो चुके थे , भगवान जगन्नाथ ही हमारे बुद्धावतार वाले भगवान बुद्ध है |

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