पाकिस्तान के झेलम में अबू कतल को मारा जाना इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

**पाकिस्तान के झेलम में अबू कतल को मारा जाना इतना महत्वपूर्ण क्यों है??**

इस घटना के कई संदेश साफ हैं जिया उर रहमान उर्फ़ अबू कतल हाफ़िज़ का इस समय सेकेंड इन कमांड था... यह कश्मीर के सारे ऑपरेशन हैंडल कर रहा था... या यूँ समझें यही लश्कर को चला रहा था..रिश्ते में ये हाफ़िज़ का भांजा भी था और उसके बेटे का दामाद भी 

अबू कतल पाकिस्तानी सेना की कड़ी सुरक्षा में रहता था लश्कर के जहादी और पाकिस्तानी सेना के सैनिक हमेशा साथ रहते थे..चार से पांच गाड़ियों के क़ाफ़िले में चलता था 

उसके इस क़ाफ़िले को झेलम में घात लगा हमला किया गया... और इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद भी उसपर करीब से गोलियाँ दाग ये सुनिश्चित किया गया कि वो बचे नहीं...
उसके साथी सुरक्षा कर्मी अचानक हमले के बाद भाग खड़े हुए और कोई जवाबी कार्यवाही नहीं कर सके.अबू कतल के साथ ही हाफ़िज़ का एक और भतीजा नदीम भी इसी हमले में मारा गया है..एक अन्य सुरक्षा कर्मी भी गोलियों का शिकार बना...

तीन मृतकों के अलावा एक अन्य व्यक्ति घायल भी हुआ है जिसे रावलपिंडी के आर्मी अस्पताल लेजाया गया है साथ ही उसपर बेहद चुप्पी रखी जा रही है 
पाकिस्तानी के मीडिया कर्मी रहे व PTI के पूर्व सांसद समद याक़ूब ने इस घायल व्यक्ति के हाफ़िज़ सईद होने का दावा किया है...लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुईं है...

पर इतना तय है इस हमले में जिया उर रहमान उर्फ़ अबू कतल, नदीम व कोई अन्य बड़ा लश्कर आतंकी कमांडर मारा गया है जिसपर गोपनीयता बरती जा रही है..

ये बहुत बड़ा शिकार किया गया है अज्ञात लोगों द्वारा... बहुत ही बड़ा!


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