नागपुर ही क्यों ???*
*नागपुर ही क्यों ???*
औरंगाबाद क्यों नहीं, जहाँ स्थित औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद शुरू हुआ और जहाँ मुस्लिम आबादी 30% है।
इसके विपरीत नागपुर में मात्र 11% मुस्लिम आबादी है लेकिन फिर भी मुस्लिमों द्वारा हिंदुओं के विरुद्ध सुनियोजित आतंकवादी हमला नागपुर में क्यों किया गया ?
इसका मूल कारण मुस्लिमों के घटते आत्मविश्वास को सहारा देना है जो सिर्फ या तो दिल्ली या फिर अयोध्या में ऐसी आतंकवादी हिंसा से ही संभव था लेकिन दोंनो जगह यह संभव न था इसलिए चौथे 'पॉवर सेंटर' को चुना गया।
जी हाँ, नागपुर प्रतीकात्मक रुप से हिंदुओं की सांगठनिक शक्ति का प्रतीक केंद्र है क्योंकि यहाँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय है।
मुस्लिम यह संदेश देने में सफल रहे कि उनकी कौम हिंदुओं को उनके गढ़ में भी चुनौती देने में सक्षम है और वह भी 9:1 की संख्या में भी।
कुछ गिरफ्तारियों और एक दो बुलडोजर एक्शन करके इस जिहादी भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सकेगा, भीषण प्रतिउत्तर की आवश्यकता है…
संभल जैसा एक्शन लगातार अरेस्ट, भयकर लाठी चार्ज, फायरिंग, लगातार बुलडोजर एक्शन, बिजली-पानी के मीटरों तक की जाँच, FIR में रासुका और गैंगस्टर की धाराएँ, पुराने से पुराने मामले में गिरफ्तारी, सभी अवैध कब्जों पर एक्शन।
इस कांड का एक सबक यह है कि पॉश सोसायटीज में दो चार गार्डों के भरोसे रहने वाले हम हिंदुओं को समझ आ जाना चाहिए कि नियोजित हिंसक मुस्लिम भीड़ से तुम्हें पुलिस भी नहीं बचा पाएगी।
हमे केवल एक जुट ही नहीं होना होगा… निकलना होगा शक्ति प्रदर्शन करना होगा…
क्युकी जिहादी अपनी वार करने की शक्ति व हमारी प्रतिकार शक्ति को जांच रहे हैं।
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